हां और दूध के खिलाफ सबसे बड़ी शिकायत इसके लैक्टिस नामक एंजाइम को लेकर है जो हमारे शरीर में उत्पन्न होता है देखो जब हम छोटे बच्चे होते हैं तब दूध में पाई जाने वाली शुद्ध रिलेटिव्स को तोड़ने के लिए हमारा शरीर काफी लैक्टिस पैदा करता है जो आसानी से पच जाता है। लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं तो समय के साथ-साथ लैक्टिस का पैदा होना कम हो जाता है जिससे दूध को डाइजेस्ट करना मुश्किल हो जाता है और इस कंडीशन को कहते हैं। Lactos intorance इतना ही नहीं बच्चों में होने वाले एलर्जिक रिएक्शन के लिए भेड़ गाय का दूध एक बड़ी वजह है।
और इस सबके अलावा दूध पीने से एक और नुकसान होता है जिसका हम सामना करते हैं और वह नुकसान है akne का होना बिल्कुल रिसर्चर्स ने पता लगाया है कि स्किम्ड दूध से एक्ने होने की दर में 24 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है तो जिन्हें एक्ने उन्हें इसे लेना कम कर देना चाहिए और मैं आपको बता दूं कि दूध के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले यही नहीं रुकते उनके पास इसके खिलाफ और भी कई गंभीर इल्जाम है जैसे कि इससे कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का होना कमजोर हड्डिया और कैंसर तक होना लेकिन क्या इन इल्जामों में कुछ भी है देखिए कुछ पुराने रिसर्च इसको दूध और कुछ खास तरह के कैंसर एडिट एक हल्का सा संबंधों दिखाई दिया लेकिन हाल ही में हुए शोध ने इन दावों को हवा में उड़ा दिया है और उनके बीच कोई संबंध नजर नहीं आया असल में दूध में मौजूद कैल्शियम शायद लड़ने में मदद कर सकता है कोलोन कैंसर के खिलाफ किसी तरह के दूसरे शहरों में भी दूध और जीवन के लिए अन्य खतरनाक बीमारियों के बीच कोई संबंध नहीं मिला है है लेकिन हैरानी की बात है कि जब हड्डियों की बात होती है तो नतीजा थोड़ा अलग हो जाता है क्योंकि वयस्कों पर इसका असर ना तो अच्छा है और ना बुरा है है।
और सवाल अभी वहीं का वहीं है कि क्या दूध हेल्थी है या नहीं यह देखिए कितने सारे संदेशों के बावजूत एक बात तो पक्की है और वह यह कि हर तरह के दूध पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं जिसके तहत प्रोटींस विटामिंस और मिनरल्स तो ऐसी जगह जहां खाना कब मिलता है और जीवन का स्तर निम्न है वहां दूध एनर्जी का एक अच्छा सोर्स हो सकता है जो बच्चों की मृत्यु दर में कमी ला सकता है। और वह लोग जो विकसित देशों में रह रहे हैं और अगर किसी को से एलर्जी नहीं है या लाखों सेंट लॉरेंस नहीं है तो दूध बढ़िया सोर्स हो सकता है।
तो असल में दूध ने बाज़ी मार ले और यह सच भी बरकरार रखा कि दूध हल्दी है ख्याल जहा हम कि आप जानते हैं कि दुनिया की करीब 65 प्रतिशत आबादी राज्यों से इंस्टॉलमेंट है जिसका मतलब है कि वह हर दिन डेढ़ सौ मिलीमीटर से ज्यादा दूध हजम नहीं कर सकते हैं तो उम्मीद है आज आपने कुछ हेल्दी सीखा अगली बार फिर मिलते है।

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