उसकी ज्यादा सोचने की आदत की वजह से, उसके न तो लोगों से अच्छे रिश्ते थे और न ही वो कोई काम ठीक से कर पाता था। वो हमेशा तनाव या मानसिक परेशानी में रहता था। उसकी हालत देखकर, उसका एक दोस्त ने उससे कहा कि यहा6 पास के एक बौद्ध मठ में एक जेन गुरु रहते हैं।
तुम उनसे मिलो, वो तुम्हारे इस मानसिक समस्या का कोई न कोई हल जरूर बताएंगे। वो लड़का जेन गुरु के पास गया और अपनी समस्या बताई कि वो बार-बार एक ही बात सोचता रहता है। और पुरानी बुरी बातें या यादें नहीं भूल सकता। लड़के की समस्या सुनने के बाद, जेन मास्टर वहां से उठता है और मठ के अंदर चला जाता है। बिना कोई जवाब दिए, जेन मास्टर ऐसे ही उठकर चला जाता है, जिससे लड़के को थोड़ा अजीब लगता है,
लेकिन फिर भी वह वहीं बैठा रहता है। कुछ देर बाद वह देखता है कि जेन मास्टर मिट्टी का गिलास पानी से भरकर उसके पास आ रहा है। जेन मास्टर लड़के के पास आकर उसके पास खड़ा हो जाता है, तो लड़का भी उसके सामने खड़ा हो जाता है। जेन मास्टर लड़के से पूछता है, बताओ ये गिलास कितना वजन करेगा? लड़के ने कहा, "मैं ठीक से नहीं कह सकता, लेकिन इस गिलास का वजन बहुत कम है।"
अब जेन मास्टर ने गंभीर होकर कहा, "मेरा सवाल ये है कि अगर मैं इस गिलास को ऐसे थोड़ी देर तक पकड़े रहूं तो क्या होगा?"
लड़के ने कहा, "कुछ नहीं होगा।"
जेन मास्टर ने फिर पूछा, "अगर मैं इस गिलास को ऐसा एक घंटे तक पकड़े रहू तो?"
लड़के ने कहा, "आपका हाथ दर्द करने लगेगा।"
जेन मास्टर ने फिर पूछा, "अगर मैं पूरे दिन इसी तरह इस गिलास को पकड़े रहू तो?"
लड़के ने कहा, "आपके हाथ में बहुत दर्द होगा, और आपका हाथ सुन्न भी हो सकता है।" तुम्हारे मसल्स कड़कड़ाने लगते हैं, और तुम्हारा हाथ सूख सा जाता है, लड़के ने गंभीर आवाज़ में कहा। जेन मास्टर ने कहा, "बहुत बढ़िया, लेकिन क्या इस दौरान गिलास का वजन बदला है?" लड़के ने कहा, "नहीं, वजन तो नहीं बढ़ा।" फिर हाथ में दर्द और मसल्स में टेंशन क्यों हुई? जेन मास्टर ने पूछा। "लंबे समय तक पकड़ने की वजह से," लड़के ने जवाब दिया। जेन मास्टर ने फिर पूछा, "अब मैं इस दर्द से कैसे छुटकारा पाऊं?" "गिलास नीचे रख दो," लड़के ने कहा। जेन मास्टर ने कहा, "बिल्कुल सही, और जिंदगी की परेशानियां भी ऐसी ही हैं।"
थोड़ी देर के लिए उन्हें अपने दिमाग में रखो, तो लगेगा कि सब ठीक है। लंबे समय तक सोचो तो दुख होने लगेगा। और जब लंबे समय तक दिमाग में रखोगे, तो वो तुम्हें परेशान या पागल कर देंगे, और तुम कुछ भी नहीं कर पाओगे।
जेन मास्टर ने लड़के की ओर इशारा करते हुए कहा, अपनी जिंदगी की पुरानी गलतियों और घटनाओं के बारे में सोचना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है उनसे सीख लेना और आगे बढ़ना। अगर तुम एक ही बात को पकड़ कर रखोगे तो ठीक उसी कांच की तरह...यह तुम्हारे जीवन में दर्द भी लाएगा। अगर तुम आज अपने अतीत के साथ बैठोगे, तो वह फिर भी तुम्हारे बस में नहीं होगा, और फिर तुम इसका पछतावा भविष्य में करोगे। अपने अतीत के लिए वह व्यक्ति बनो जो तुम होना चाहते हो, या अगर तुम अपनी गलतियों पर पछतावा कर रहे हो, तो आज से ही उस व्यक्ति बनने की कोशिश करो। और कोशिश करो कि आज ऐसी कोई गलती न करो, जिसके लिए तुम्हें भविष्य में पछताना पड़े। इसलिए चिंता करना बंद करो और अपने आज के कामों पर ध्यान दो, क्योंकि चिंता इंसान को उसके अंतिम सफर तक ले जाती है।

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