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Just one minute of exercise has so many benefits for the body.

Just one minute of exercise has so many benefits for the body.




सोचिए क्या हो अगर रोज सिर्फ एक मिनट, जी हां, सिर्फ एक मिनट Plank किया जाए। चलिए पता लगाते हैं कि इस एक छोटी सी आदत के पीछे का साइंस क्या है और इसके फायदे कितने जबरदस्त हो सकते हैं।


अब देखिए, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसके पास टाइम है कि वह जिम जाए या लंबा चौड़ा वर्कआउट करे, है ना? यह एक ऐसी प्रॉब्लम है जिससे हम में से ज्यादातर लोग जूझते हैं।पर अच्छी बात ये है कि फिट रहने के लिए घंटों पसीना बहाने की जरूरत है ही नहीं। बॉडी वेट एक्सरसाइज इसका एक जबरदस्त सलूशन है।और इन्ही में से एक है प्लैंक। एक ऐसा पावरफुल और टाइम बचाने वाला मूव जो सच में कमाल कर सकता है।



तो plank का यह जादू आखिर शुरू कहां से होता है?


सबसे पहला और शायद सबसे जरूरी फायदा हमारी पीठ और रीढ़ की हड्डी की सेफ्टी से जुड़ा है। सोच कर भी हैरानी होती है कि रोज का सिर्फ एक मिनट का plank हमारी स्पाइन की हेल्थ के लिए इतना बड़ा गेम चेंजर कैसे हो सकता है देखिए, जब plank सही तरीके से किया जाता है, तो यह हमारी पीठ की मसल्स को मजबूत बनाता है।और सबसे अच्छी बात हिप्स और स्पाइन पर कोई एक्स्ट्रा प्रेशर डाले बिना तो इसका असर होता है

एक तो यह पीठ दर्द को कम करने में मदद करता है और दूसरा दिन भर बैठने और चलने के दौरान हमारा पोस्चर भी सुधारता है। यह एक छोटा सा बदलाव है जो चोट लगने के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है। लेकिन सुनिए, एक हेल्दी पीठ तो बस शुरुआत है। plank का असली मैजिक तो कोर को शेप देने में दिखता है।

चलिए, अब देखते हैं कि यह मसल्स को कैसे डिफाइन करता है। और यही हम बात करेंगे अपने दूसरे बड़े फायदे की।जो है एक स्ट्रांग, बिल्कुल तराशा हुआ कोर।आपको पता है, कई फिटनेस एक्सपर्ट्स का तो यह मानना है कि अगर सिक्स पैक एब्स बनाने हैं, तो plank सबसे असरदार एक्सरसाइज में से एक है। असल में वो इसे नॉर्मल क्रंचेस से कई ज्यादा इफेक्टिव मानते हैं। 

तो फर्क क्या है? 

देखिए, सबसे बड़ी बात यह है कि प्लैंक हमारे सारे मेन कोर मसल्स पे एक साथ काम करता है।मतलब ओब्लिक्स, एब्डोमिनल्स सब पर वहीं दूसरी तरफ क्रंचेस जैसी एक्सरसाइज सिर्फ कुछ ही मसल्स पर फोकस करती है।
और बस यही वजह है कि plank को एक ज्यादा स्मार्ट और कंप्लीट कोर वर्कआउट माना जाता है। मतलब एक ही मूव में सारा काम खत्म और कहानी यही खत्म नहीं होती एक मजबूत कोर के फायदे और भी हैं। जब कोर स्ट्रांग होता है ना, तो स्क्वाट्स और डेड लिफ्ट जैसी दूसरी एक्सरसाइज में भी परफॉर्मेंस बेहतर हो जाती है। इतना ही नहीं, यह ग्लूट्स को टोन करने में भी मदद करता है। मतलब यह एक ऑल राउंड बॉडी स्कल्पटिंग मूव है। 


अच्छा, एक स्ट्रांग कोर का मतलब सिर्फ ताकत ही नहीं है, यह हमारे मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है। और यही है हमारा तीसरा बड़ा फायदा, शरीर की कैलोरी बर्न करने की कैपेसिटी को बढ़ाना। पर सवाल यह है कि यह होता कैसे है?है ना? इसका राज छुपा है कंपाउंड एक्सरसाइज के कांसेप्ट में। plank एक क्लासिक कंपाउंड एक्सरसाइज है। अब इसका मतलब क्या है? सीधा सा मतलब है कि यह एक ही टाइम पर शरीर के कई बड़े मसल ग्रुप्स को एक साथ एक्टिवेट कर देता है। और क्योंकि प्लैंक एक कंपाउंड एक्सरसाइज है, तो जाहिर है कि इसमें सिटअप्स या क्रंचेस के मुकाबले कहीं ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। और एक बोनस भी है। जैसे-जैसे मसल्स बनती हैं, मेटाबॉलिज्म भी fast होता है।क्योंकि ज्यादा मसल्स का मतलब है ज्यादा कैलोरी बर्न होना। तभी जब शरीर आराम कर रहा हो। 

चलिए, अब आते हैं हमारे आखिरी दो फायदों पर।

जो हमारे बैलेंस यानी संतुलन के फिजिकल पहलू को मेंटल हेल्थ के फायदों से जोड़ते हैं, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। जी हां, फायदा नंबर चार और पांच, ये दोनों एक दूसरे से काफी जुड़े हुए हैं। कभी एक पैर पर खड़े होने की कोशिश की है? और कुछ सेकंड से ज्यादा टिक नहीं पाए?
अक्सर इसकी वजह कमजोर एब्डोमिनल मसल्स होती है। रोजाना सिर्फ एक मिनट का प्लैंक इस बैलेंस को सुधारता है, जिससे हर तरह की स्पोर्ट्स एक्टिविटी में परफॉर्मेंस अपने आप बेहतर हो जाती है। और यहीं से पता चलता है कि प्लैंक सिर्फ फिजिकली ही नहीं, बल्कि मेंटली भी कितना फायदेमंद है।


देखिए, ये उन मसल्स ग्रुप्स को स्ट्रेच करता है जिनमें हमारा सारा स्ट्रेस और टेंशन जमा होता है, जैसे कि हमारे कंधे।दिन भर बैठे-बैठे या खड़े रहने से ये मसल्स अकड़ जाती हैं, है ना? प्लैंक इन्हें रिलीज़ करता है, दिमाग को शांत करता है और यहां तक कि एंग्जायटी और डिप्रेशन के लक्षणों में भी मदद कर सकता है।।।

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